होली पर निबंध (100, 200 शब्द) | Essay on Holi in Hindi 100 200 Words

होली पर निबंध Holi Par Nibandh Hindi Me

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होली पर निबंध प्रस्तावना:

होली के दिन भारत में लगभग ३ लाख FIR दर्ज किए जाते है जिससे अपराध का अनुपात बढ़ते जा रहा है, आज के समय होली पहले की तरह नहीं मनाया जा रहा है।

होली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। जिस प्रकार से विजयदशमी का त्योहार शीतकाल के आरंभ में मनाया जाता है, उसी प्रकार लोग होली का त्योहार ग्रीष्म काल के आरंभ में मनाते हैं।

होली पर निबंध हिंदी में

हमारे देश में लगभग प्रत्येक त्योहार के पीछे कोई परंपरा या लोक-कथा होती है । होली का त्योहार भी इससे अछूता नहीं है । इस के विषय में भी एक लोक-कथा प्रचलित है।

कहते हैं कि प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक क्रूर और अन्यायी राजा था जो स्वयं को ईश्वर कहलवाता था । जनता पर वह बड़े अत्याचार किया करता जिससे सारे राज्य की सुख-शांति नष्ट हो गई ।

उसका बेटा प्रल्हाद बड़ा ईश्वर-भक्त था । उसने अपने पिता का विरोध किया । उसने उसे ईश्वर मानने से इनकार कर दिया । पिता ने अपने बेटे को बहुत कठोर दंड दिए लेकिन पुत्र प्रल्हाद अपनी बात पर अटल रहा ।

उधर हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि उसके शरीर पर आग नहीं लगेगी। हिरण्यकश्यप के कहने पर होलिका प्रहलाद को लेकर आग में बैठ गई।

उसने सोचा था कि वह तो जलने से बच जाएगी और प्रह्लाद जल कर राख हो जाएगा। लेकिन दैवयोग से हुआ उल्टा ही । प्रल्हाद बच गया और होलिका जल कर राख हो गई।यह वास्तव में असत्य पर सत्य की तथा पाप पर पुण्य की विजय थी ।

उसी दिन से होलिका के नाम होली के पर्व का आरंभ हुआ और लोग इसे भी पाप पर पुण्य की विजय के रूप में मनाने लगे।

होली पर निबंध 150 शब्द

ग्राम्य अंचलों में इस त्योहार को मनाने का एक अन्य कारण भी बताया जाता है। इस समय अर्थात वसंत के बीतने पर हमारे देश में दूसरी फसल तैयार हो रही होती है । इस फसल को काट कर लाया जाता है । किसान अन्न प्राप्ति की इस खुशी में होलिका-उत्सव मनाते हैं । जो भी हो, इसके पीछे विशेष रूप से आनंद मनाने की भावना ही छिपी हुई है।

इस समय की प्रकृति बड़ी सुहानी होती है । जाड़ा बीत गया होता है । खेतों में फसल पक गई होती है । सरोवर निर्मल जल से भरे हुए सुंदर दिख पड़ते हैं। प्रकृति जैसे बड़े ही मनोहारी परिवेश में सजी हुई दिखाई पड़ती है । ऐसे समय में होली का रस रंग पूर्ण त्योहार मनाया जाता है। होली का त्योहार दो दिन मनाया जाता है । पहले दिन रात को होलिका दहन का आयोजन होता है । इसके लिए एक स्थान पर खूब लकड़ी इकट्ठी कर लेते हैं।

बच्चे उमंग से भर कर न जाने कहाँ-कहाँ से तख्ते आदि लाकर इस ढेर को बढ़ा देते हैं। यह पूर्णिमा की रात होती है। इसी दिन होलिका जलाई जाती है। किसान अपनी खरीफ की फसल का अन्न-दान अग्नि देवता को समर्पित करते हैं | जलती हुई होलिका की परिक्रमा करने का विधान है। ऐसा करते हुए लोगों के मन में श्रद्धा की भावना होती है।

पर्यावरण पर होली त्यौहार के बुरे प्रभाव-

वायु प्रदूषण:-

शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन भारत में बहुत पहले से मनाई जाती है, लेकिन होलिका जलाते समय बहुत से लकड़ी जलाई जाती है, जिससे वनों की कटाई(deforestation) में बहुत बढ़ोतरी हो गई है। आज के समय यही कारण है कि कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, का स्तर उच्च होता जा रहा है जो एक खराब वायु गुणवत्ता का कारण बनता है और इससे वायु प्रदूषण फैलता है।

हानिकारक रसायन के प्रभाव:-

पहले के समय होली मनाने के लिए फूलों से बने जैविक रंगों का इस्तेमाल लोग करते थे । लेकिन आज के युग में होली को नए तरह से मनाने के लिए कई कंपनियों ने रासायनिक रूप से तैयार किए गए रंगों का निर्माण कर दिया है, जो बहुत विषाक्त (Toxic) है । वे प्राकृतिक परिस्थितियों में आसानी से हटाए नहीं जा सकते जो नदी और तालाब में घुल-मिल जाती है एवं जल प्रदूषण फैलता है।

होली त्यौहार का समाज बुरे प्रभाव:-

होली त्यौहार का समाज पर भी बहुत बुरे प्रभाव है। इस दिन लोग शराब और भांग पीकर बहुत मारपीट झगड़े आपस में करते हैं। जिससे समाज में अपराध का अनुपात बढ़ता है । आपको जानकर हैरानी होगी होली के दिन भारत में लगभग तीन लाख एफ आई (FIR) आर दर्ज किए जाते हैं।

दूसरे दिन होली का उत्सव रंग और गुलाल से खेला जाता है । सब प्रसन्न मुख होकर एक दूसरे के चेहरों पर गुलाल लगाते हैं और पिचकारी छोड़ते हैं। आपस में सौहार्द और अपनेपन का भाव बना रहता है । शाम के साथ लोग मंजीरे पर फाग गाते हैं। उसमें प्रेम रस की प्रधानता होती है ।

रास रचाया जाता है और वरवस ही कृष्ण कन्हैया, राधा और गोपियों की याद ताजा हो आती है । वास्तव में यह उत्सव आनंद और आल्हाद का उत्सव है। लेकिन इस पवित्र उत्सव को भी कुछ लोगों ने कलंकित-सा कर दिया है। कुछ लोग रंग की बजाय कीचड़ और गंदा पानी उछालते हैं।

इससे परस्पर लड़ाई हो जाती है जो कभी कभी भयंकर रूप धारण कर लेती है। यह दिन सार्वजनिक छुट्टी का होता है । अतः कुछ लोग दिन भर शराब पीकर बेसुध बने रहे हैं । कुछ लोग जुआ भी खेलते हैं । वास्तव में हमें अपने पवित्र त्योहारों से इस प्रकार की अस्वस्थ परंपराओं को नष्ट कर देना चाहिए। होली का त्योहार प्रेम और सौहार्द भावना को बढ़ाने वाला त्योहार है। इसमें एक सात्विक भाव है । इसी बात का विकास करना और अपनी धरती में अपनेपन की भावना को विकसित करना ही इस दिन हमारा लक्ष्य होना चाहिए ।

होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में

10 Lines on Holi Essay in Hindi:-

  1. होली भारत देश का लोकप्रिय त्यौहार है।
  2. यह त्यौहार हर साल फागुन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
  3. होली रंगों का तथा सी खुशी का निराला त्यौहार है।
  4. यह त्यौहार दो या तीन दिन तक मनाया जाता है।
  5. सर्दी की विदाई और गर्मी की शुरुआत इस त्यौहार से होती है।
  6. होली की शुरुआत होलिका दहन से होती है।
  7. होली के दिन बच्चे गुब्बारों और पिचकारी से अपने मित्र के साथ होली का आनंद उठाते हैं।
  8. होली में बच्चे बूढ़े और जवान का भेदभाव मिट जाता है।
  9. इस अवसर पर घर-घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं।
  10. होली का त्योहार हमें एकता और भाईचारा में रहने का संदेश देता है।

आशा करता हूं आपको यह होली पर निबंध पसंद आया होगा, कृपया करके आप यह निबंध अपने दोस्तों को भी शेयर करे। और यदि आप टीचर या परेंटे (Parents) है तो अपने बच्चो को जरूर बताएं धन्यवाद।

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